कल सीआरपीएफ नहीं होती तो बचना मुश्किल था: अमित शाह


एएनएम न्यूज़, डेस्क: भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कोलकाता में रोड शो के दौरान हुई हिंसा में तृणमूल के समर्थकों का हाथ बताया। भाजपा अध्‍यक्ष ने कहा कि बीते छह चरणों के दौरान पश्चिम बंगाल को छोड़कर बाकी देश के किसी भी हिस्‍से में हिंसा की घटनाएं नहीं हुई हैं। भाजपा यदि हिंसा करती तो देश के बाकी हिस्‍सों में भी हिंसा होनी चाहिए थी। रोड शो के दौरन तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने सुनियोजित साजिश के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं को उकसाया।

अमित शाह ने ये भी आरोप लगाया की उनके काफ‍िले पर तीन बार हमले किए, पत्थर फेंकी गयी, केरोसिन बम फेंके, मोटरसाइकिलें और जीप जलाई गयी हैं। कॉलेज का गेट टूटा नहीं था, भाजपा कार्यकर्ता भी बाहर थे, तृणमूल समर्थक भीतर, तो मूर्ति किसने तोड़ी? ईश्‍वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा कमरे के अंदर थी, कॉलेज बंद हो चुका था। सवाल यह कि कमरा किसने खोला, ताला टूटा नहीं है तो ताला किसने खोला, मूर्ति किसने तोड़ी? भाजपा अध्‍यक्ष ने आरोप लगाया कि टीएमसी के गुंडों ने ही ईश्‍वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ा।

शाह ने कहा कि उनको जानकारी मिली है कि उन पर एफआईआर हुई है। उन्होंने कहा कई भाजपा कार्यकर्ताओं की तो हत्या कर दी गई है। तृणमूल कांग्रेस ने धमकी देने की भाषा और संस्कृति को अपनाया है लेकिन बंगाल की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है।


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