भारत ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (LTTE) पर और 5 वर्षों के लिए प्रतिबंध बढ़ाया


एएनएम न्यूज़, डेस्क: केंद्र सरकार ने मंगलवार को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) पर प्रतिबंध लगा दिया, जो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के पीछे था। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के तहत गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत प्रतिबंध को बढ़ा दिया गया है।

1991 में गांधी की हत्या के बाद भारत ने LTTE पर प्रतिबंध लगा दिया था। समूह पर प्रतिबंध अंतिम बार 2014 में पांच साल के लिए बढ़ाया गया था। लिट्टे, एक आतंकी संगठन है जो श्रीलंका में स्थित है, लेकिन भारत में इसके समर्थक, सहानुभूति रखने वाले और एजेंट होने के कारण 1976 में आया। सभी तमिलों के लिए एक अलग मातृभूमि (तमिल ईलम) के लिए इसका उद्देश्य भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को खतरे में डालता है, और संघ से भारत के क्षेत्र के एक हिस्से पर कब्जे और अलगाव की मात्रा है और इस तरह गैरकानूनी गतिविधियों के दायरे में आता है, अधिसूचना ने कहा।

भारत कई बार श्रीलंका में जाकर लिट्टे से मुकाबला कर चुका है। श्रीलंका सरकार के विरुद्ध लिट्टे के संघर्ष के दौरान शांति बहाली के लिए द्वीपीय देश गई भारतीय सेना को वहां बल प्रयोग करना पड़ा था। सेना ने ही श्रीलंका में लिट्टे प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन और उसके सभी प्रमुख सहयोगियों को ढेर कर तमिल विद्रोही संगठन का सफाया कर दिया था। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 1987 में भारतीय शांति सेना उत्तरी श्रीलंका में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से वहां गई लेकिन वहां एलटीटीई के साथ युद्ध में उसके करीब 1,200 जवान मारे गए थे।


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