आरक्षण को लेकर गुजर समाज एक बार फिर रेल पटरियों पर, 15 ट्रेनों का मार्ग बदला


लोकेश व्यास, एएनएम न्यूज, जोधपुर: तेज सर्दी में जगह जगह आंदोलन कर्ता ने लगाए अलाव वही बनाया खाना। बैसला ने आंदोलन में शामिल लोगों को शपथ दिलवाई- इस बार न बात न समझौता, आरक्षण पर फैसला होगा, सरकारी संपत्ति, आम आदमी, व्यापारी, महिला या किसी को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाने को भी कहा।

गुर्जर आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति की ओर से शुक्रवार को समाज के लोगों ने पहले महापंचायत की। आरक्षण पर सरकार के फैसले का इंतजार किया। निर्धारित समय शाम 4 बजते ही किरोड़ी बैसला के नेतृत्व में समाज के लोगों ने मलारना डूंगर स्टेशन से तीन किमी दूर रेलवे ट्रैक की ओर कूच किया और पटरियों पर जाकर बैठ गए। इससे पहले बैसला ने आंदोलन में शामिल लोगों को शपथ दिलवाई-इस बार न बात न समझौता, आरक्षण पर फैसला होगा। कोई भी बिना कारण सरकारी संपत्ति, आम आदमी, व्यापारी, महिला या किसी को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। आरक्षण की चिट्ठी लेने के बाद ही रेलवे ट्रैक से उठेंगे। उन्होंने कहा-अगर किसी ने ऐसा किया तो वे धरने को छोड़कर चले जाएंगे।

मकसूदनपुरा में देवनारायण मंदिर पर दोपहर 12 बजे से शुरू हुई महापंचायत को गुर्जर नेताओं ने संबोधित किया। शाम चार बजे बैसला ने अपनी घड़ी देखी और वक्ताओं के हाथ से माइक लेकर बोले समय पूरा हो चुका है, चार बज चुके हैं। यहां बैठा गुर्जर समाज चाहे तो सरकार को आधे घंटे का समय दे सकता है। बैंसला के इस सवाल पर वहां बैठे हजारों लोगों ने एक स्वर में कहा आधा घंटा तो दूर एक मिनट का समय भी नहीं देंगे। बैंसला की गाड़ी के पीछे रसिया गाते हुए रवाना हुए गुर्जर समाज के लोगों में से सबसे पहले कर्नल बैंसला ने ट्रैक पर कदम रखा और लाइन को दोनों तरफ देखा। अपने चिर परिचित अंदाज में हाथ उठाने के बाद अपनी बैंत से पटरी को ठकोरा (बजाया) और वहीं पटरी पर बैठ गए। इसके साथ ही देवनारायण भगवान के जयकारों से इलाका गूंज उठा। देखते ही देखते हजारों लोग पटरी पर बैठ गए।

क्षेत्र के गुर्जर बाहुल्य गांवों कैलाशपुरी, हिंदवाड़, हलौंदा, कुशालीपुरा, बोदल, छाण, बाढ़पुर, बैरना, फरीया, खंडेवला, मेई कलां, नायपुर, तलावड़ा, सावंटा, डाबिच, पिलेंडी, बरनावंदा, परसीपुरा, बाजौली, बिचपुरी गुजरान सहित कई गांवों में गुर्जर नेता व समाज के लोग गुप्त तरिके से बैठक कर आंदोलन की ठोस रणनीति बना रहे है।

आंदोलन के चलते लाखेरी स्टेशन पर रोकी मालगाड़ी
लाखेरी (बूंदी)। गुर्जर आंदोलन को लेकर जहां दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों को लेकर अनिश्चितता के चलते दिल्ली, हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है, वहीं कोटा से दिल्ली की तरफ जाने वाली दो मालगाड़ी को लाखेरी रेलवे स्टेशन के रिजर्व यार्ड में खड़ी करवाई गई है। वहीं अतिरिक्त ट्रेनों को रोकने के लिए रेलवे यार्ड को खाली करवाया गया है।

सरकार को अल्टीमेटम दिया था : संघर्ष समिति
संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष भूरा भगत ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में बताया कि बीस दिन पूर्व हिंडौन में आयोजित बैठक में हमने सरकार को अल्टीमेटम दिया था, उसके बाद भी सरकार की आंख नहीं खुली। बीस दिन आज चार बजे खत्म हो गए। मजबूरन हमको ट्रेक जाम करना पड़ा। ट्रेक जाम होने के बाद से अब तक भी सरकार का कोई संदेश हमारे पास नहीं आया और किसी अधिकारी का भी हमारे पास फोन नहीं आया। कलेक्टर का फोन आया है। वे मुख्यमंत्री के द्वारा बनाई गई कमेटी को वार्ता के लिए ट्रेक पर भेजने की बात कह रहे हैं।

एमपी सीमा पर निगरानी, कुशालीपुरा में जाम की अफवाह
छाण, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की सीमा पर जवान तैनात किए गए है। वाहनों की भी जांच की जा रही है। कुशालीपुरा में जाम की अफवाह फैली। इस पर वहां पुलिस के जवान तैनात किए गए है। आरएसी की तीन बटालियन के लगभग सौ जवान बहरावंडा खुर्द के राउमावि रोका गया है।

4 संकल्प के साथ आंदोलन
1. बिना किसी कारण कोई भी गुर्जर किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
2. अगर किसी ने ऐसा किया तो वे खुद आंदोलन छोड़कर चले जाएंगे।
3. महिलाओं व बच्चों का खास तौर पर ध्यान रखा जाएगा।
4. संयम और स्वाभिमान के साथ लड़ाई लड़ेंगे।


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