60 हजार रुपए रिश्वत लेकर पकड़ाए इंस्पेक्टर ने दिखाई शातिरी, चार घंटे मशक्कत कर एसीबी ने की बरामदगी


लोकेश व्यास, एएनएम न्यूज, जोधपुर: परतापुर के पटवार मंडल के भू-अभिलेख निरीक्षक को एंटी करप्शन ब्यूरो डूंगरपुर की टीम ने शुक्रवार को 60 हजार की रिश्वत लेने पर रंगे हाथों पकड़ा, लेकिन इसके लिए घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। आरोपी भू अभिलेख निरीक्षक रमेशचंद्र गामोट ने शातिरी दिखाते हुए रिश्वत राशि लेकर एक थैली में डाली और उससे मिलने आए एक बीएलओ के बैग में चुपके से डाल दी थी। बीएलओ रवाना हुआ तो महज यह कह दिया कि थैली में कागजात है, जो वह बाद में ले लेगा। ब्यूरो की धरपकड़ के जब उसके हाथ धुलवाने पर रंग निकल आया, तो सख्ती से पूछताछ की गई। ब्यूरो टीम को पूछताछ से मालूम हुआ कि गामोट से मिलने दो-तीन बीएलओ आए थे। इस पर तीनों को बुलाकर पूछताछ की, तो एक ने थैली के बारे में बताया। लोगों की मौजूदगी में जब थैली निकाली गई, तो उससे 60 हजार रुपए बरामद हुए। इसके चलते दोपहर डेढ़ बजे की धरपकड़ के बाद ब्यूरो टीम को नकदी बरामद करने में चार घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।

ब्यूरो के डीएसपी गुलाबसिंह गरासिया के अनुसार डडूका निवासी राजेन्द्र पुत्र नानिया ने बेड़वा में अपनी 15 बिस्वा जमीन मंजू बामनिया को 1.20 लाख रुपए में बेची थी। इस सौदे में शर्त थी कि म्यूटेशन विक्रेता ही खुलवाएगा। इसके चलते इंस्पेक्टर गामोट से संपर्क करने पर उसने डेढ़ लाख रुपए रिश्वत मांगी। इसे लेकर राजेंद्र ने ब्यूरो में शिकायत की, तो सत्यापन करवाया गया। इसमें इंस्पेक्टर ने डेढ़ लाख रुपए फीस लगने की बात कही और अनुनय-विनय पर रियायत कर 60 हजार रुपए में यह काम करने को राजी हो गया।

ब्यूरो टीम ने शुक्रवार को परतापुर पहुंचकर राजेन्द्र को 60 हजार रुपए देने भेजा। निरीक्षक यहां स्टांप वेंडर की दुकान पर कुछ लोगों से साथ बैठा बातचीत कर रहा था। राजेन्द्र ने रुपए देकर ब्यूरो टीम को इशारा किया। टीम पहुंचती जब तक राजेंद्र पास बैठे बीएलओ के बैग में राशि रख चुका था। फिर ब्यूरो ने उसे दबोचा तो राशि नहीं मिली पर हाथ धुलाने पर गुलाबी हो गए। बाद में बीएलओ को तलाश कर बुलाया गया, तो बरामदगी संभव हुई।


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