एक ऐसी चोरी जिस पर आप यकीन ही नहीं कर सकते, CCTV में कैद

मुरारी सिंह मुंबई : मायानगरी मुंबई हमेशा से भीड़भाड़ का इलाका माना जाता है शाम होते ही रेलवे स्टेशनों पर जनसैलाब उमड़ जाता है सुबह में मानव की यात्रियों का ताता लगा रहता है ऐसे में चोर गिरोह सक्रिय रहते हैं और इनसे बचना चाहिए देखिए एनम न्यूज़ की खास रिपोर्ट ।

यात्रियों के बैग को पीछे से खोल कर चोरी करने वाले चोर को रेल्वे पुलिस ने सीसीटीवी के जरिये किया गिरफ्तार। पच्छिम रेलवे के वसई रोड रेल्वे पुलिस ने सीसीटीवी के जरिए ऐसे आरोपी को पकड़ा है जो कि भीड़ भाड़ में यात्रियों के बैग का चेन को खोल कर उसमें से पर्स व कीमती समान चोरी करते है पर विरार रेल्वे स्टेशन पर एक चोर रेल्वे स्टेशन पर चोरी करते समय सीटीवी में कैद होगया सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने एक चोर को पकड़ा ओर जांच में दो चोर को ओर पकड़ा कुल तीन चोर मीले है पुलिस को सभी चोर विरार के रहने वाले

इस सीसीटीवी में आप देखे की अपने कंधे पर बैग लटकाये हुए एक आदमी जा रहा है वही पर चोर पीछे से बैग के चेन को खोल कर पर्स निकल कर फरार हो जाता है पर्स में 1800 रुपये नगद ओर एटीएम कार्ड था उस पर्स में एटीएम का पिन भी था जिससे चोरो ने एटीएम मशीन में जाकर 11 हजार ओर भी निकल लिए ओर अय्यासी के लिए कही रिसॉर्ट में गये फ़िलहाल वसई रेल्वे पुलिस ने इन चोरो को २४ घंटे के अंदर ही पकड़ कर हथकड़ी पहना दिया है रेल्वे पुलिस आगे की जांच कर रही है कि इनके ऊपर ओर कितने मामले दर्ज है और ये कहा कहा चोरी करते है,,,

 

4 मजदूरों की मौत आर के स्टूडियो के पास कमर्शियल बिल्डिंग में हुई दुर्घटना दो की मौत दो की हालत गंभीर

मुरारी सिंह मुंबई : शाबरी साइट्स, RK स्टूडियो के पास, मोतीबाग बिल्डिंग की विंडो पर काम कर रहे चार मजदूर नीचे गिर गए जिसमें से दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। और 2 लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है। जिन्हें मुंबई के शताब्दी अस्पताल में एडमिट कराया गया है। जानकारी के मुताबिक मुंबई के चेंबूर स्थित आर के स्टूडियो के पास सबरी एंटर प्राइसेज कमर्शियल बिल्डिंग के विंडो का काम चल रहा था । उसी दरमियान यह हादसा हुआ जिसमें 4 लोगों की मौत की खबर आ रही है। आपको बता दें कि पुलिस और बचाव कार्य मौके वारदात के लिए रवाना हो चुके हैं । घटना किन कारण को सुबह अभी तक साफ नहीं हो पाया है

मुंबई के मुंब्रा में पकड़ा गया जहरीली शराब चार गिरफ्तार

मुरारी सिंह मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के मलाड इलाके में 109 लोगों का जहरीली दारु पीने से मौत हो गई थी जिसके बाद प्रशासन ने भट्टी के दारू के ऊपर सख्त पाबंदी लगा दी थी बावजूद उसके मुंबई के मुंब्रा गोराई और भाईंदर खाडी में अवैध भठ्ठी दारू का काम चल रहा है जिसे लेकर प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है आपको बता दें बीती रात ठाणे के मुंब्रा पुलिस स्टेशन की हद में चल रही अवैध हाथ भट्टी के ठिकाने की गुप्त सूचना वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक किशोर पासलकर को मिली थी जिसमें कहा गया कि दिवा परिसर में खाड़ी किनारे अवैध हाथभट्टी दारू का अड्डा चल रहा है। उन्होंने इसकी जानकारी परिमंडल -१ के पुलिस उपायुक्त डी. एस. स्वामी ,सहायक पुलिस आयुक्त (कलवा विभाग )रमेश धूमल को दी। वरिष्ठों के निर्देशानुसार वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक किशोर पासलकर ने  सहायक पुलिस निरीक्षक एम. आर. शिंदे और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ दिवा परिसर के बंदरअाली में पहुंच कर छोटी नाव से आगे जाकर कीचड़ में उतरकर इस हाथभट्टी दारू के अड्डे को ध्वस्त किया और वहां से यदुराज भगत और दिनेश भगत को गिरफ्तार किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मोके वारदात से २०० लीटर क्षमता की दारू बनाने की लोहे की टंकी ,२०० लीटर हानिकारक और गुंगीकारक रसायन से भरे हुए ५६ ड्रम ,२०० लीटर हाथभट्टी दारू भरे हुए १० नील रंग के प्लास्टिक ड्रम ,५०० लीटर क्षमता के काले  रंग का रसायन भरा हुआ दो प्लास्टिक की टंकी ,३५ लीटर भरा हुआ राकेल के दो कैन ,काळा गुड़ की भरी हुई २५ बोरी ,नवसागर के १० बोरे आदि मिलकर कुल ५,१७ ,२०० रुपए का मॉल जब्त किया है। इस मामले में दोनों आरोपियों पर मुंब्रा पुलिस स्टेशन में भादंवि की धारा ३२८ ,३४ सहित दारुबंदी कानून की धारा ६५ (क )के तहत मामला दर्ज किया गया है ,इस मामले में आगे की जांच मुंब्रा पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक एम. आर. शिंदे कर रहे है। इस हुई कार्यवाही से छुप कर चल रहे इस तरह के कारोबार पर लगाम लगा पाने में पुलिस को बड़ी कामयाबी भी मिली है पुलिस की लगातार छापेमारी के चलते ज्यादातर भक्ति दारू के व्यापारी मुंबई छोड़कर फरार हो चुके हैं लेकिन कुछ लोग अभी भी अवैध दारू धंदे में लिप्त हैं जिसके चलते आए दिन इस तरह की गतिविधियां देखने को मिलती हैं ।

कल्याण के एक रेस्त्रां में लगी आग,बुझाने के दौरान दमकलकर्मी की मौत।

मुरारी सिंह मुंबई : महाराष्ट्र के कल्याण सहर ठाणे जिले में गुरुवार तड़के एक रेस्त्रां में लगी आग को बुझाने की कोशिश के दौरान एक दमकल कर्मी की मौत हो गई ।और एक अन्य जख्मी हो गया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधरवाडी अग्निशमन केंद्र के उप अधिकारी नामदेव चौधरी ने बताया कि अग्निशमन दल को बुधवार की देर रात एक बजे कल्याण टाउनशिप में गोल्डन पार्क हाउसिंग सोसाइटी के निकट एक रेस्त्रां में लगी आग की जानकारी मिली थी.
जानकारी मिलने की बाद छह दमकलकर्मियों की एक टीम धरवाडी अग्निशमन केंद्र से घटनास्थल पर रवाना हुई. चौधरी ने बताया कि अग्निशमनकर्मी जब आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे, उसी समय रेस्त्रां में एक विस्फोट हुआ जिसमें 57 वर्षीय जगन आमले की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि एक अन्य अग्निशमनकर्मी भी झुलस गए और उन्हें पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारी ने बताया कि अन्य दमकलकर्मी आग पर काबू पाने में सफल रहे. उन्होंने बताया कि एक मामला दर्ज कर लिया गया है और आग लगने के कारण की जांच जारी है.

सिद्धिविनायक मंदिर में दीपिका, रणवीर | दीपिका-रणवीर भगवान गणेश के आशीर्वाद चाहते हैं!

अमीर खान,मुंबई : दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह – जिनके पास 1 दिसंबर शनिवार को एक और स्वागत आया – भगवान गणेश के आशीर्वाद की तलाश के लिए उत्तर मध्य मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर का दौरा किया।
दीपिका के पिता बैडमिंटन की किंवदंती प्रकाश पादुकोण, मां उज्वाला और बहन अनिश रणवीर के पिता जगजीत सिंह भावनी, मां अंजू और बहन रितिका के रूप में मौजूद थीं।रणवीर को कुर्ता पायजामा में एक नेहरू जैकेट से मिला था।दीपिका ने एक सजावटी दुपट्टा के साथ एक लंबे कुर्ता का चयन किया। उसने भारी चंद बाली और एक दुल्हन चुदा पहनी थी।

2.0 मूवी रिव्यू: रजनीकांत की ओवरलैन्ग, शायद ही कभी सूक्ष्म लेकिन देखने योग्य फिल्म

अमीर खान , मुंबई : (कास्ट) रजनीकांत, अक्षय कुमार, एमी जैक्सन ,(निदेशक) एस शंकर वह वापस आ गया है। इस बार, चिति को फिर से लोड किया गया है और तमिलनाडु से मोबाइल फोन और सेलुलर ट्रांसमिशन टावरों को खत्म करने के लिए एक बल का सामना करना पड़ता है। प्रकृति और प्रौद्योगिकी के बीच, अच्छे और बुरे के बीच की लड़ाई, ज़ोन में ढाई घंटे से अधिक समय तक चलती है जहां सभी विभाजन रेखाएं इस तरह से धुंधली होती हैं जो कई व्याख्याओं की संभावना पैदा करती है। लेकिन क्योंकि कहानी कह रही है, अच्छी तरह से, रोबोटिक, उन्माद क्रिया अनुक्रम शायद ही कभी ऊंचाइयों को छूते हैं जो उड़ान मोबाइल प्राप्त करते हैं। यह फिल्म हमारे महानगरों से गायब होने वाली चिड़ियों की दुखी वास्तविकता के बारे में बताती है – समाचार पत्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से खींची गई थीम – लेकिन बहस की दबाने वाली प्रकृति को एनिमेट्रोनिक्स, विशेष प्रभाव और प्रोस्थेटिक्स के एक चमकदार, प्रभावशाली डेमो के नीचे गहरा दफनाया गया है ।
         2.0 में, निर्देशक शंकर ग्रैंडियोज टेंपलपोल फिल्म निर्माण के साथ सामाजिक संदेश से शादी करते हैं, और परिणाम एक अतिव्यापी, कभी-कभी सूक्ष्म लेकिन हमेशा देखने योग्य फिल्म है जो इसकी ताकत और नाटकों को जानता है।रजनीकांत ने प्रतिभा वैज्ञानिक डॉ वासीगरन के रूप में अपनी भूमिका को दोहराया जिन्होंने एक लकीर रोबोट चिति बनाई जो कि बदमाश हो गया और आखिरी फिल्म के अंत में नष्ट हो गया। तब से, शांति दुनिया में लौट आई है क्योंकि हम इसे जानते हैं … जब तक नई फिल्म में नहीं, मोबाइल फोन लोगों के हाथों से उड़ना शुरू कर देते हैं, मोबाइल टावर रहस्यमय तरीके से नष्ट हो जाते हैं, और सेल फोन से बने एक विशाल पक्षी दिखाई देते हैं कहर बरबाद करने के लिए कहीं भी नहीं। जैसा कि आप जानते होंगे कि क्या आपने ट्रेलर देखा है, वसीगरन को दिन बचाने के लिए चिति को फिर से इकट्ठा करना और पुनर्जीवित करना होगा।

कानपुर के लघु शस्त्र निर्माणी द्वारा वेंडर्स की सुविधा को लेकर मोबाईल एप संपर्क एस ए ऍफ़ लॉन्च 

चंद्रकांत तिवारी,कानपूर : भारत सरकार के डिजिटल इंडिया व ईज ऑफ़ डूइंग बिजिनेस को लेकर अब कानपुर के लघु शस्त्र निर्माणी द्वारा वेंडर्स की सुविधा को लेकर मोबाईल एप एस ए ऍफ़ संपर्क को लॉन्च किया गया।इस मौके पर मौजूद जनरल मैनेजर संजय पटनायक ने बताया की वेंडर्स की आये दिन समस्याएं आती थी जिसको लेकर डिजिटल इंडिया की तरफ कदम बढ़ाते हुए लघु शस्त्र निर्माणी द्वारा इस वेंडर्स के लिए एक ऐप लांच किया गया है इस ऐप का नाम संपर्क एस ए ऍफ़ है इसमें वेंडर्स को सभी समस्याओ को दूर करने के लिए  जानकारी उपलब्ध है।पहले वेंडर्स को तकनीकी गुणवत्ता समेत कई अन्य समस्याएं मिलती थी जिसको इस ऐप के माध्यम से दूर किया जायेगा।
 
ऐप से खरीद प्रक्रिया में आएगी पारदर्शिता
कानपुर स्थित निर्माणी में वेंडरों के लिए ‘संपर्क एसएएफ’ मोबाइल ऐप की लांचिंग के दौरान निर्माणी के महाप्रबंधक संजय कुमार पटनायक ने यह जानकारी दी।
 संपर्क एसएएफ मोबाइल ऐप से निर्माणी में किसी भी प्रकार की होने वाली खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। ऐप के जरिए निर्माणी में बनने वाले उत्पादों के लिए सप्लाई होने वाले किसी भी प्रकार के मैटीरियल के आर्डर, उसकी गुणवत्ता और आर्डर की जानकारी वेंडरों को हो सकेगी। निर्माणी में लाइट मशीनगन, मशीन गन, कारबाइन के अलावा कई तरह की रिवाल्वर बनती हैं। इनके निर्माण में कई उपकरण और मैटीरियल उपयोग में लाए जाते हैं।
इसकी सप्लाई निर्माणी में वेंडरों की सहायता से होती है। अब इस पूरी प्रक्रिया को ऐप से जोड़कर शुरू कि या गया है। वेंडर यह जान पाएगा कि उसके द्वारा दिया गया मैटीरियल पास हुआ या फेल, उसके आर्डर की जानकारी के अलावा उसके पेमेंट की भी जानकारी उपलब्ध होगी। उसे निर्माणी में जाना भी नहीं पड़ेगा।

महाकुंभ के पहले एशिया के सबसे बड़े व 128 साल पुराने नाले की गंदगी से गंगा को मिली मुक्ति

र्चंद्र कान्त तिवारी,कानपुर : शहर का ऐतिहासिक लगभग 130 वर्ष पुराना सीसामऊ नाला के टैपिंग का कार्य अधिकारियों द्वारा किया जा चुका है जहां आज सीसामऊ नाले का निरीक्षण करने के लिये नगर आयुक्त संतोष शर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र मैथानी पहुंचे और टैपिंग का काम देखकर संतुष्टता जताई।आपको बता दें कि कानपुर में 16नाले जो गंगा में सीधे गिरते है जिनमे 8 नालों की टेपिंग की जा चुकी हैं बाकी बचे नालों की भी टेपिंग का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। नगर आयुक्त सन्तोष कुमार शर्मा ने निरीक्षण के दौरान बताया कि शहर के सभी नालों का निरीक्षण किया जा चुका है 8 नाले गंगा में जाने से पूरी तरह रोक लिए गए है जबकि अन्य नालों को 15 दिसम्बर तक टैप कर दिया जाएगा या इस दूषित पानी को ट्रीट किया जाएगा। ताकि महाकुंभ में श्रद्धालुओं को गंगा का पानी शुद्ध व निर्मल मिल सके। अभी इस सीसामऊ नाले कार्य की मॉनिटरिंग लगातार की जाएगी ताकि कहीं किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर उसे तत्काल दुरुस्त किया जा सके। वही अन्य नालों का गंगा का गंदा पानी गंगा में न जाकर उस दूषित पानी को बायो रेमिडीएशन के माध्यम से ट्रीट करते हुए भेजा जाएगा। नमामि गंगे के प्रोजेक्ट इंचार्ज घनश्याम तिवारी ने बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत प्रोजेक्ट बनाकर प्रयास किया गया और दो भागों में इसे मोड़ा गया। इस नाले से निकलने वाले 140 एमएलडी गंदे पानी में से 80 एमएलडी बिनगवां और 70 एमएलडी पानी जाजमऊ ट्रीटमेंट प्लांट भेजा जा रहा है। यह 9 किलोमीटर तक का सीवर लाइन है जिसे एसटीपी किया जा रहा है गंगा सफाई में काफी ज्यादा फर्क पड़ेगा क्योंकि इस नाले से जितनी गंदगी गंगा में जा रही थी जिससे गंगा दूषित हो रही थी उसको रोकने में सफलता हासिल की है।साथ ही सुरेन्द्र मैथानी ने कहा यह काम नमामि गंगे के प्रोजेक्ट के तहत काम चल रहा है यह सराहनीय कदम है जिसमे कानपुर के कई नाले टेप हो चुके है और जल्द ही बचे हुए भी गंगा में जाने से रोके जायेंगे।

कानपुर के लघु शस्त्र निर्माणी द्वारा वेंडर्स की सुविधा को लेकर मोबाईल एप संपर्क एस ए ऍफ़  लॉन्च 

चंद्रकांत तिवारी,कानपूर : भारत सरकार के डिजिटल इंडिया व ईज ऑफ़ डूइंग बिजिनेस को लेकर अब कानपुर के लघु शस्त्र निर्माणी द्वारा वेंडर्स की सुविधा को लेकर मोबाईल एप एस ए ऍफ़ संपर्क को लॉन्च किया गया।इस मौके पर मौजूद जनरल मैनेजर संजय पटनायक ने बताया की वेंडर्स की आये दिन समस्याएं आती थी जिसको लेकर डिजिटल इंडिया की तरफ कदम बढ़ाते हुए लघु शस्त्र निर्माणी द्वारा इस वेंडर्स के लिए एक ऐप लांच किया गया है इस ऐप का नाम संपर्क एस ए ऍफ़ है इसमें वेंडर्स को सभी समस्याओ को दूर करने के लिए  जानकारी उपलब्ध है।पहले वेंडर्स को तकनीकी गुणवत्ता समेत कई अन्य समस्याएं मिलती थी जिसको इस ऐप के माध्यम से दूर किया जायेगा।
 
ऐप से खरीद प्रक्रिया में आएगी पारदर्शिता
कानपुर स्थित निर्माणी में वेंडरों के लिए ‘संपर्क एसएएफ’ मोबाइल ऐप की लांचिंग के दौरान निर्माणी के महाप्रबंधक संजय कुमार पटनायक ने यह जानकारी दी।
 संपर्क एसएएफ मोबाइल ऐप से निर्माणी में किसी भी प्रकार की होने वाली खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। ऐप के जरिए निर्माणी में बनने वाले उत्पादों के लिए सप्लाई होने वाले किसी भी प्रकार के मैटीरियल के आर्डर, उसकी गुणवत्ता और आर्डर की जानकारी वेंडरों को हो सकेगी। निर्माणी में लाइट मशीनगन, मशीन गन, कारबाइन के अलावा कई तरह की रिवाल्वर बनती हैं। इनके निर्माण में कई उपकरण और मैटीरियल उपयोग में लाए जाते हैं।
इसकी सप्लाई निर्माणी में वेंडरों की सहायता से होती है। अब इस पूरी प्रक्रिया को ऐप से जोड़कर शुरू कि या गया है। वेंडर यह जान पाएगा कि उसके द्वारा दिया गया मैटीरियल पास हुआ या फेल, उसके आर्डर की जानकारी के अलावा उसके पेमेंट की भी जानकारी उपलब्ध होगी। उसे निर्माणी में जाना भी नहीं पड़ेगा।

रेल सुरक्षा के लिए उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियो और एनडीआरएफ टीम की संयुक्त अभ्यास

चंद्रकांत तिवारी, कानपूर: रेल दुर्घटनाओं के बाद किस तरह से राहत बचाव कार्य किया जाय इसके लिए कानपुर में उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियो और एनडीआरएफ की टीम ने संयुक्त अभ्यास किया | कानपुर लोको शेड के पास बने आउटर पर बाकायदा ट्रेन के दो डिब्बों को हादसे का रूप दिया गया और एनडीआरएफ की टीम ने पूरी तत्परता के साथ डिब्बों में फसेयात्रिणो को सकुशल बाहर निकालकर मेडिकल कैम्प तक पहुंचाया |

ट्रेन हादसे की इन तस्वीरो को देखकर आपको भ्रम हो सकता है कि यह एक बड़ा ट्रेन हादसा है लेकिन नहीं यह रेलवे की एक मॉक ड्रिल है | कानपुर लोको शेड आउटर पर पूरी तरह फिल्माया गया ट्रेन हादसा केवल इसलिए था कि जब कभी भी इस तरह की दुर्घटना हो तो किस तरह से राहत बचाव कार्य किया जा सके | उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज से आये रेलवे के एडीआरएम अनुराग गुप्ता ने बताया कि इस मॉक ड्रिल को पूरी तरह से एक्सीडेंट का रूप दिया गया है | | एडीआरएम का कहना है की दुर्घटना कभी भी हो सकती है  उसके लिए ही इस तरह का अभ्यास किया जाता है | डेढ़ घंटे के भीतर ही ट्रेन में फसे यात्रियों को सकुशल बाहर निकाला गया उनको बाहर निकालने से पहले ही डिब्बों के अंदर मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया | मॉकड्रिल के बाद देखा गया की जब इस तरह की दुर्घटना जब होती है तब बचाव कार्य के लिए और इससे अच्छा और क्या किया जा सकता है |

प्लान किया गया ट्रेन हादसे में बनारस की एनडीआरएफ की टीम पूरी तत्परता के साथ बचाव कार्य में लगी रही | एनडीआरएफ ने बताया की 45 लोगो की हमारी टीम है |  भारतीय रेलवे के साथ एनडीआरएफ ने मॉक ड्रिल किया है पीछे मकसद था की  इस तरह की घटना कभी बता कर नहीं आती है | एनडीआरएफ का कहना है की घटना स्थल के हालात को देखकर ही पता चलता है की किस तरह से बचाव कार्य करना चाहिए | जब कभी ऐसी कोई दुर्घटना होती जब जब ट्रेन के डिब्बे पानी में डूब जाते है तब बचाव कार्य करने में हमारे सामने चुनौती होती है | इस ड्रिल की खास बात यह रही कि रेलवे अधिकारियों ने अभ्यास किया कि दुर्घटनाग्रस्त बोगी के अन्दर फॅसे यात्रियों को किस तरह एक छोटे से छेद के जरिये वीएलसी कैमरे की मदद से लोकेट किया जा सकता है और कोल्ड कटिंग से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है। इसके पहले वेल्डिंग मशीनों से बोगियाॅ काटे जाने की परम्परा रही है जिससे अन्दर फॅसे यात्री को नुकसान पहुॅचने का खतरा रहता है। एनडीआरएफ की टीम के सामने यह भी लक्ष्य था कि गम्भीर घायलों को किस तरह गोल्डन आॅवर के भीतर मेडिकल कैम्प पहुॅचाया जाय ताकि उसकी साॅसे न थमने पायें।