तीन महीने टेनरीज बंद होने से लगभग 10000 करोड़ का नुकसान होगा। राज्य सरकार के इस फैसले से करीब तीन लाख लोग बेरोजगार होंगे। 

चंद्र कांत तिवारी, एएनएम न्यूज़, कानपूर: अनुमान के मुताबिक तीन महीने टेनरीज बंद होने से लगभग 10000 करोड़ का नुकसान होगा। राज्य सरकार के इस फैसले से करीब तीन लाख लोग बेरोजगार होंगे। कई घरों के नही जलेंगेचूल्हे।

इस आदेश से सबसे ज्यादा प्रभावित चमड़े के उद्योग होंगे। दरअसल, गंगा का पानी काफी दूषित है। पूर्व में संतों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी थी यदि गंगा प्रदूषित रही तो शाही स्नान का बहिष्कार किया जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ सरकार के आदेश को चमड़ा निर्यात परिषद के क्षेत्रीय प्रमुख ताज आलम ने उद्योग के लिए एक बड़ा झटका करार दिया है।

इलाहाबाद में होने वाले महाकुंभ के मद्देनजर यूपी के कानपुर स्थित जाजमऊ और उन्नाव क्षेत्र में स्थापित टेनरियों को 15 दिसंबर से 15 मार्च तक बंद करने के आदेश पर मुख्यमंत्री ने मुहर लगा दी है।

प्रमुख सचिव ने सीएम के आदेश का अनुपालन करने के निर्देश शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए। सीएम की हरी झंडी मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सक्रिय हो गया है। आदेश की कॉपी सभी टेनरियों को अक्टूबर तक डाक के जरिए बोर्ड भेज देगा।

दरअसल, मई में मुख्यमंत्री ने आदेश दिया था कि महाकुंभ के मद्देनजर तीन महीने टेनरियां बंद होंगी। इस फैसले को लेकर टेनरी संचालकों ने मुख्यमंत्री से मिलकर राहत देने की मांग की थी। लेकिन इस बीच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बढ़ी सक्रियता के बाद पता चला है कि मुख्यमंत्री ने 15 दिसंबर से टेनरियों की बंदी के आदेश पर मुहर लगा दी है।

शुक्रवार को प्रमुख सचिव पर्यावरण रेणुका कुमार की तरफ से जारी आदेश टेनरियों को भेजने की तैयारी यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुरू कर दी। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि शासन से सख्त निर्देश है कि टेनरियों को 15 दिसंबर से बंद किया जाना है। इसके आदेश की कॉपी सभी टेनरियों को अक्टूबर तक किसी भी सूरत में पहुंच जानी चाहिए।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले कानपुर में नमामि गंगे योजना के तहत कानपुर आए थे और गंगा को प्रदूषित देख अधिकारियों को फटकार लगाने के साथ ही सभी नालों के बंद करने के अलावा तीन माह तक टेनरियों के बंद करने का ऐलान किया था। सीएम के इस फैसले को लेकर टेनरी संचालकों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने का समय मांग। सीएम ने उन्हें लखनऊ बुलाया, जहां पर टेनरी संचालकों ने उनसे राहत देने की मांग की थी। लेकिन इस बीच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बढ़ी सक्रियता के बाद पता चला है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने 15 दिसंबर से टेनरियों की बंदी के आदेश पर मुहर लगा दी है। प्रमुख सचिव पर्यावरण रेणुका कुमार की तरफ से जारी आदेश टेनरियों को भेजने की तैयारी यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुरू कर दी।

तीन महीने तक टेनरियों की बंदी के आदेश पर स्माल टेनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी डाक्टर फिरोज आलम ने एतराज जताया है। उनका कहना है कि उन लोगों ने इस आदेश को समाप्त करने और महाकुंभ में स्नान की तिथियों के तीन दिन पहले टेनरियों को बंद करने का आदेश पिछली सरकारों की तरह जारी किया जाए। ऐसा नहीं होने पर अब वह लोग कोर्ट जाएंगे। उत्तर प्रदेश लेदर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव इफ्तिखारुल अमीन के अनुसार चमड़ा उद्योग बहुत कठिन दौर से गुजर रहा है। सरकार ने पहले बूचड़खानों में तालेबंदी का आदेश दिया, तो वहीं अब तीन माह तक टेनरियों के बंद रहने से कारोबार पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। दूसरे देशों के कारोबारी यहां के बजाए अन्य प्रदेशों की तरफ अपने कदम बड़ा देंगे। सरकार को टेनरी मालिकों के अलावा तीन लाख लोगों के बारे में सोचना चाहिए था।

कानपूर की 249 टेनरियां बंद करने का आदेश। भुखमरी की नौबत, टेनरी उद्योग को करोड़ों का नुकसान

चंद्र कांत तिवारी, एएनएम न्यूज़, कानपूर: उत्तर प्रदेश प्रदुषण नियत्रण बोर्ड ने जाजमऊ कानपूर में कामन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) पूरी तरह संचालित न हो पाने के कारण  लगभग 249 टेनरियों को बंद करने का आदेश दिया है। यह कार्यवाई जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। दरअसल अगले वर्ष प्रयागराज में कुम्भ को देखते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर इस साल 16 मई को कानपूर के जाजमऊ में सी इ टी पी और पम्पिग स्टेशनो को उनकी मरम्मत के लिए 17. 68 करोड़ रुपये दिए गए थे। इसका संचालन पूरी  क्षमता के साथ 12 नवम्बर तक हर हाल में किया जाना था लेकिन इसका संचालन नहीं हो स्का। कुम्भ 2019 को देखते हुए प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड फ़िलहाल कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता इस कारण बोर्ड ने यहाँ की सभी 249 फैक्ट्री का संचालन बंद करने का आदेश दे दिया है।

आदेश को लेकर स्माल टेनरीज एसोसिएशन में आज सभी टेनरियों के मालिकों ने एक बैठक की। उनका कहना है कि इस तरह टेनरियों के बंद हो जाने से तो लाखों मजदूर भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे और बच्चों का पेट पालने के लिए गरीब वर्ग का आदमी गलत काम भी कर सकता है। इसके बाद टेनरियों के बंद होने की सूचना पर टेनरियों में सन्नाटा पसर गया और आनन-फानन में स्माल टेनरीज एसोसिएशन के अध्यक्ष हफीजुर्रहमान ने टेनरी मालिकों को बुलाकर एक बैठक की। जाजमऊ में लगभग छोटी-बड़ी मिलाकर 400 टेनरियां हैं, जिसमें कुछ बंद हो गयीं और लगभग 280 से ज्यादा टेनरियां में उत्पादन हो रहा हैं।

कुछ टेनरियों में नोटिस चिपका दिया गया है, उसमें यह लिखा है कि जल निगम नाले सभी टेप किए हैं, जिससे पानी बराबर सीईटीपी में जा नहीं रहा है। जब तक जल निगम के लोग अपनी कमी को दूर नहीं करते हैं, सीईटीपी को चारों पम्पिंग स्टेशन्स को जोड़ते नहीं है तब तक टेनरियां बन्द रहेंगी। इस तरह की बंदी से टेनरी उद्योग को करोड़ों का नुकसान होगा। समय की कोई पाबंदी नहीं है कि कितने दिन बंद रहेगी।

टेनरी संचालक रहमान ने बताया कि टेनरी उद्योग से लगभग 4 लाख लेबर हैं और उनसे उनका परिवार का पालन पोषण होता है। एक दम से यह टेनरी उद्योग बंद हो जाएगा तो भुखमरी की नौबत आ जायेगी। लोग बच्चों का पेट पालने के लिए गलत काम शुरू कर देंगे।

टेनरी मालिक का कहना है  एकदम से आदेश आता है कि टेनरिया बंद हो गयीं। उन टेनरियों में महिलाएं भी काम करती हैं, छोटे-छोटे रोजगार और गरीब वर्ग के लोग अस्त-व्यस्त हो जाएंगे। हम सभी इस मामले में बात करेंगे। यदि इसके बाद भी कोई रास्ता नहीं निकलेगा तो भुखमरी तो निश्चित है और मजबूरन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

हंगामा के बीच सरकार से खींचतान के बाद 19 को आरबीआई के बोर्ड की होगी बैठक ?

एएनएम न्यूज़ डेस्क : काफी दिनों से चल रही जद्दोजहद अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुकी है ।सरकार और रिजर्व बैंक के बीच जारी खींचतान के बीच 19 नवंबर को केंद्रीय बैंक के निदेशक मंडल की होने जा रही बैठक के हंगामेदार होने का अनुमान है। जानकारी के अनुसार कुछ सदस्य बैठक में पूंजी रूपरेखा ढांचे अधिशेष का प्रबंधन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) के लिये तरलता आदि से जुड़े मुद्दे उठा सकते हैं । वित्त मंत्रालय द्वारा रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा सात के तहत चर्चा शुरू करने के बाद रिजर्व बैंक और सरकार के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. इस धारा का इस्तेमाल आज तक कभी नहीं किया गया है. इस धारा के तहत सरकार को इस बात का विशेषाधिकार मिलता है कि वह किसी मुद्दे पर रिजर्व बैंक के गवर्नर को निर्देशदे संकेत से गए हैं

जानकारी के मुताबिक रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने पिछले महीने एक भाषण में केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता के बारे में बातें की थी. उन्होंने कहा था कि रिजर्व बैंक की स्वायत्तता से किसी भी तरह का समझौता अर्थव्यवस्था के लिये विनाशकारी हो सकता है। जानकारी की माने तो निदेशक मंडल की बैठक पूर्वनिर्धारित होती है तथा बैठक का एजेंडा भी काफी पहले तय कर लिया जाता है. हालांकि, निदेशक मंडल के सदस्य तय एजेंडे से इतर वाले मुद्दे भी उठा सकते हैं अगर ऐसा हुआ तो सरकार को मुसीबत दिल्ली पर सकती है।
कहा कि सरकार के नामित निदेशक तथा कुछ स्वतंत्र निदेशक रिजर्व बैंक के पूंजी ढांचे तथा अंतरिम लाभांश के मुद्दे उठा सकते हैं.  हालांकि, रिजर्व बैंक की पूंजी रूपरेखा ढांचे में कोई भी बदलाव तभी संभव हो सकेगा जब रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 में संशोधन किया जाए. इसके अलावा अन्य संभावित मुद्दों में पूंजी पर्याप्तता नियमों को विकसित देशों के समतुल्य किया जाना तथा बैंकों की त्वरित सुधारात्मक कारवाई रूपरेखा (पीसीए) में कुछ ढील देना भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार एमएसएमई और एनबीएफसी को कर्ज वितरण बढ़ाने के उपायों के बारे में चर्चा हो सकती है. माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक पूंजी पर्याप्तता नियमों के मामले में पुराने और कड़े नियमों का पालन कर रहा है. ये नियम विकसित देशों के मुकाबले अधिक सख्त रखे गये हैं। परिणामस्वरूप बैंक दिये गये कर्ज के समक्ष ज्यादा जोखिम पूंजी कोष रख रहे हैं। सरकार का मानना है कि यदि रिजर्व बैंक नियमों को वैश्विक नियमों के अनुरूप रखते हैं तो बैंकों में ज्यादा पूंजी उपलब्ध होगी और उत्पादक क्षेत्रों को अधिक कर्ज दिया जा सकेगा. यही वजह है कि सरकार इस मामले में जोड़ पकड़ती नजर आ रही है इस माह की शुरुआत में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन ने बैंकों के लिये पूंजी पर्याप्तता नियमों में ढील देने और उन्हें वैश्विक स्तर पर रखने की मांग को खारिज कर दिया था। जहां तक रिजर्व बैंक के पूंजी रूपरेखा ढांचे की बात है सरकार चाहती है कि केन्द्रीय बैंक के पास आरक्षित पूंजी का उपयुक्त आकार होना चाहिये. रिजर्व बैंक के पास 9.59 लाख करोड़ रुपये का भारी आरक्षित कोष है, माना जाता है कि सरकार इसमें से एक तिहाई राशि उसे आवंटित कर ली की बात कर रही है । आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने हालांकि, कहा है कि सरकार को धन की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष के लिये राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सही तरीके से आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में यह कार्य काफी सराहनीय होगा और लाभकारी भी ।

अब नही बच पायेगें स्नाइपर अटैकर, आ गयी है ये मशीन

चंद्रकांत तिवारी, कानपूर: स्नाइपर अटैकर्स को खोज निकालने के लिए डीआरडीओ की लेजर साईंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ने एक मशीन का निर्माण किया है जिसकी काट दुनिया के किसी देश के पास नहीं है | यह मशीन 600 सौ से 1500 सौ मीटर तक स्नाइपर को खोज निकालती है | ओटीएल 600 नामक यह मशीन सेना को ट्रायल के लिए दी गयी है जो की काफी मददगार साबित हो रही है | राष्ट्रपति व  प्रधानमंत्री  की सुरक्षा में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है |
 भीड़ में छुपकर किसी वीवीआईपी या वीआईपी को निशाना बनाने वाले स्नाइपर शूटर का पता लगाने के लिए डीआरडीओ ने ओटीएल नामक मशीन का ईजाद किया है | यह मशीन एक दूरबीन की तरह है जोकि 600 सौ मीटर तक एक एक इंच की स्कैनिंग करता रहता है | इससे निकलने वाली किरणे जैसे ही स्नाइपर या अन्य कोई खतरनाक उपकरण से टकराती है वैसे ही मशीन से बीप की आवाज आने लगती है | मशीन की रेंज स्नाइपर पर जाकर टिक जाती है और उसे खोज निकालती है | कानपुर में डिफेंस एक्सपो में प्रदिर्शित इस मशीन के बारे में लेजर साईंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के राजेश तिवारी ने बताया कि ओटीएल 600  आप्टिकल टारगेट को पकड़ता है | शूटर राइफल पर फोकसिंग लेंस का इस्तेमाल करते है|  जहा भी कोई आप्टिक्स होता है यह मशीन उसको पकड़ लेती है और चाहे दिन हो या रात दोनों में काम करती है | 1500 मीटर की रेंज वाली मशीन को ट्रायल के लिए भारतीय सेना को दिया गया है |  राजेश ने बताया की अगर स्नाइपर कही छुपा हुआ है या अँधेरे में है तो यह उसको डीटेक्ट करके लाइट को ब्लिंक करने लगता है | जिससे पता चल जाता है कि स्नाइपर हमको देख रहा है जिस पर एक्शन ले लिया जाता है |
बाईट – राजेश तिवारी (लेजर साईंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट)
 मेक इन इण्डिया के तहत विकसित ये उपकरण सुरक्षा का ब्रम्हास्त्र है और इसकी काट दुनिया के किसी देश के पास नहीं है | लेजर साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर द्धारा विकसित यह दुनिया का पहला लोकेटर है जो स्नाइपर को खोज निकलता है | लेजर डिपार्टमेंट के आनद का कहना है कि जितने भी स्नाइपर अटैकर होते है वो गन पर आप्टिकल इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल करते है | गन के ऊपर  टेलिस्कोप या आप्टिकल इंस्ट्रूमेंट लगा रहता है जिसको यह चाहे दिन हो या रात में भी तलाश कर लेता है | इसका इस्तेमाल प्रधानमंत्री की सुरक्षा में किया जा रहा है और इसको बीएसएफ व पैरामिलट्री फ़ोर्स को दिया जा रहा है | इस उपकरण में कैट आई तकनिकी का उपयोग किया गया है जैसे ही लेज़र ऑप्टिकल पर पड़कर रिफ्लेक्ट होकर वापस आती है ऑब्जेक्ट सटीक मिलता है |
 रक्षा इकाइयों के उत्पादों की इस प्रदर्शनी में जहाँ सूबे के उद्यमियों को नई ऊर्जा मिली वहीं डिफेन्स के नए नए उपकरणों की जानकारी भी हुई | यूपी डिफेन्स एक्सपो सूबे में बन रहे डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की रीढ़ साबित होगी |

अमेरिकाः महिलाओं के कारोबार में 58% बढ़ोतरी

एएनएम निउज डेस्कः बिजनेस में तो आश्चर्यजनक रूप से बढ़ा है महिलाओं । अमेरिका में हर 10 में चार बिजनेस या तो महिलाएं संचालित और नियंत्रित कर रही हैं, या फिर इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़ी हैं। महिलाओं के मालिकाना हक वाले बिजनेस को लेकर अमेरिकन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 2007-18 के दशक में महिलाओं द्वावारा शुरू किए गए बिजनेस की संख्या 58% बढ़ी। जबकि पुरुषों के बिजनेस की 12% ही बढ़ सकी।

19 नवंबर को बोर्ड की बैठक में उर्जित पटेल दे सकते हैं इस्तीफा

अजीत यादव,दिल्ली : आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल भारतीय रिजर्व बैंक केंद्रीय बोर्ड की 19 नवंबर को प्रस्तावित बैठक में इस्तीफा दे सकते हैं. ऑनलाइन फाइनेंशियल पब्लिकेशन मनीलाइफ ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया. सरकार और आरबीआई के बीच तनातनी जारी है. उधर, सरकार से जुड़े सूत्रों की मानें तो सरकार आरबीआई से ऋण देने संबंधी मामले में राहत और उसके सरप्लस रिजर्व से 3.6 लाख करोड़ रुपये हासिल करने के लिए अपना दबाव जारी रखेगी. उधर, मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक केंद्रीय बैंक इससे सहमत नहीं है और वह अपने बही-खाते को मजबूत रखने के लिए अपने पास लाभांश रखना चाहता है.

आरबीआई कानून की धारा 7 के तहत सरकार चाहती है कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल तीन चिंताओं को दूर करे. ये चिंताएं अधिशेष कोष, कर्ज और वृद्धि को गति देने के लिये एनपीए नियमों में ढील तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के समक्ष नकदी संकट को दूर करने से जुड़ी हैं.

ऐसे में अब वे 19 नवंबर को प्रस्तावित बैठक में अपने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए आरबीआई के गर्वनर पद से इस्तीफा दे सकते हैं.

हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि गर्वनर पद से इस्तीफा देने के बावजूद केंद्र सरकार आरबीआई पर 3.6 लाख करोड़ रुपए हासिल करने के लिए लगातार दबाव बनाए रखेगी.

‘वधाइ हो’ आयुष्मान-सान्या

एएनएम निउज डेस्कः  आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘बधाई हो’ हाल ही में रिलीज हुई थी । बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है और अब भी रुकने का नाम नहीं ले रही है ।फिल्म में आयुष्मान के साथ सान्या मल्होत्रा लीड रोल में हैं ।

इसी के साथ फिल्म को लेकर एक बेहद अच्छी खबर सामने आ रही है ।

भारत के साथ पाकिस्तान में भी ‘बधाई हो’ हिट हो गई है । पाकिस्तान में इस फिल्म ने 289 हजार डॉलर की कमाई कर ली है । ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्विटर पर ये जानकारी साझा करते हुए बताया है कि फिल्म ने पाकिस्तान में अब तक 2 करोड़ की कमाई कर ली है ।

इसके अलावा ये फिल्म कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में भी अच्छी कमाई कर रही है । 17 दिनों में ही 100 करोड़ की कमाई कर ली है ‘बधाई हो’ ।

What’s app पर जनप्रिय दिवाली स्टिकर

एएनएम निउज डेस्कः दिवाली पर शुभकामनाओं का तांता लगा हुआ है। आप भी किसी को दिवाली की शुभकामनाएं भेज रहे होंगे और आपको भी कोई भेज रहा है। ये शानदार स्टिकर लोगों को पसंद भी आ रहे हैं लेकिन कई लोगों के फोन में यह स्टिकर सपोर्ट नहीं कर रहा है या फिर कई लोगों को यह पता ही नहीं है कि इस तरह के स्टिकर व्हाट्सऐप पर भेजें कैसे

चलिए हम आपको इसका तरीका बताते हैं।

सबसे पहले आपको बता दें कि यदि आप इस तरह के दिवाली स्टिकर व्हाट्सऐप पर भेजना चाहते हैं तो अपने व्हाट्सऐप को गूगल प्ले-स्टोर से अपडेट करें। इसके बाद कई सारे व्हाट्सऐप के लिंक आपको मिलेंगे। उन्हीं में से एक लिंक पर आपको अनइंस्टॉल और अपडेट का विकल्प मिलेगा। यहां से आप अपने ऐप को अपडेट कर सकेंगे।

अब आपको किसी ने दिवाली का स्टिकर भेजा होगा उस पर क्लिक करें। यहां आपको 3 विकल्प मिलेंगे। पहला व्यू मोर, दूसरा कैंसिल और एड टू फेवरेट होगा। यहां से आप फेवरेट पर क्लिक करके अपने फोन में स्टिकर ऐप को एड कर सकते हैं और लोगों को दिवाली स्टिकर भेज सकेंगे।

 

अनिल अंबानी की पास बचे मात्र 19 करोड़!

एएनएम निउज डेस्कः भारत के 50वें सबसे अमीर अनिल अंबानी की दो कंपनियों के बैंक खातों में लगभग 19 करोड़ रुपये ही मौजूद हैं। ये कंपनियां रिलायंस टेलीकॉम और उसकी इकाई रिलायंस कम्यूनिकेशंस लिमिटेड हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट में अमेरिकन टावर कॉर्पोरेशन की ओर से दायर किए गए मुकदमे की सुनवाई के दौरान ये जानकारी इन दोनों कंपनियों ने खुद दी है।

जाना जा रहा हे कंपनियों के कुल 144 बैंक खाते हैं, जिनमें रिलायंस कम्यूनिकेशंस लिमिटेड के कुल 119 बैंक खाते हैं और इन खातों में कुल 17.86 करोड़ रुपये हैं।

वहीं, रिलायंस टेलीकॉम के कुल 25 बैंक खाते हैं और इन खातों में कंपनी के मात्र 1.48 करोड़ रुपये ही जमा हैं।