शिल्पांचल में ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

एएनएम न्यूज़, आसनसोल: शिल्पांचल में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने बुधवार को ईद मिलादुन्नबी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। पर्व को लेकर आसनसोल शहर के विभिन्न इलाको में भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस में हजारों बच्चे-बच्चियां, नौजवान एवं बुजुर्ग शामिल हुए। जुलूस निकाल रहे लोगों ने तकवीर अल्लाह हू अकबर के नारे लगाये।

जुलूस का कई स्थानों पर ज़ोर शोर से स्वागत किया गया। कई जगह शोभायात्रा में शामिल लोगों को मिठाइयां खिलायी गयीं और कही पानी, फल व अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। आसनसोल शहर में आसनसोल पौर निगम के मेयर के साथ साथ निगम जान प्रतिनिधि और समर्थको को जुलूस में शामिल होते देखा गया। आसनसोल पुलिस हर एक मोर्चे पर तैनात थी ताकि जुलूस के दौरान को गड़बड़ी न हो।

विधायक के रंगदारी से आतंकित हैं कोयला व्यवसायी

एएनएम न्यूज़, डेस्क: धनबाद के हार्डकोक उद्यमियों के संगठन इंडस्ट्री एंड कॉमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएन सिंह ने बाघमारा में रंगदारी वसूली के खिलाफ मोर्चा खोला दिया है। श्री सिंह ने कहा भाजपा के विधायक ढुलू महतो के आतंक से बाघमारा में नये उद्योग लगाना तो दूर पुराने उद्योग भी आज बंदी के कगार पर हैं। मजदूरों की आड़ में खुलेआम रंगदारी वसूली होती है। सरकार में उच्च पदस्थ लोग कार्रवाई करने की बजाय की जा रही रंगदारी को संरक्षण देते है। श्री सिंह ने कहा कि लिंकेज होल्डर व्यवसायी से लोडिंग मजदूरों के नाम पर पैसे की वसूली की जाती है। श्री सिंह ने बाघमारा विधायक पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि सही मायने में भाजपा के विधायक मजदूरों के रहबर है और मजदूरों का भला चाहते हैं, तो वे मजदूरों की लोडिंग का भुगतान डिजिटल तरीके से सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान कराएं। ताकि मजदूरों को सही मजदूरी मिल सके और रंगदारी प्रथा समाप्त हो सके। श्री सिंह ने राज्य व केंद्र सरकारों से रंगदारी वसूली में शामिल दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

भाजपा के विधायक ढुलू महतो ने बीएन सिंह द्वारा लगाए गए आरोप को सिरे से नाकारा और रंगदारी के मामले में कोई भी जानकारी होने से इंकार किया।

तीन महीने टेनरीज बंद होने से लगभग 10000 करोड़ का नुकसान होगा। राज्य सरकार के इस फैसले से करीब तीन लाख लोग बेरोजगार होंगे। 

चंद्र कांत तिवारी, एएनएम न्यूज़, कानपूर: अनुमान के मुताबिक तीन महीने टेनरीज बंद होने से लगभग 10000 करोड़ का नुकसान होगा। राज्य सरकार के इस फैसले से करीब तीन लाख लोग बेरोजगार होंगे। कई घरों के नही जलेंगेचूल्हे।

इस आदेश से सबसे ज्यादा प्रभावित चमड़े के उद्योग होंगे। दरअसल, गंगा का पानी काफी दूषित है। पूर्व में संतों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी थी यदि गंगा प्रदूषित रही तो शाही स्नान का बहिष्कार किया जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ सरकार के आदेश को चमड़ा निर्यात परिषद के क्षेत्रीय प्रमुख ताज आलम ने उद्योग के लिए एक बड़ा झटका करार दिया है।

इलाहाबाद में होने वाले महाकुंभ के मद्देनजर यूपी के कानपुर स्थित जाजमऊ और उन्नाव क्षेत्र में स्थापित टेनरियों को 15 दिसंबर से 15 मार्च तक बंद करने के आदेश पर मुख्यमंत्री ने मुहर लगा दी है।

प्रमुख सचिव ने सीएम के आदेश का अनुपालन करने के निर्देश शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए। सीएम की हरी झंडी मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सक्रिय हो गया है। आदेश की कॉपी सभी टेनरियों को अक्टूबर तक डाक के जरिए बोर्ड भेज देगा।

दरअसल, मई में मुख्यमंत्री ने आदेश दिया था कि महाकुंभ के मद्देनजर तीन महीने टेनरियां बंद होंगी। इस फैसले को लेकर टेनरी संचालकों ने मुख्यमंत्री से मिलकर राहत देने की मांग की थी। लेकिन इस बीच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बढ़ी सक्रियता के बाद पता चला है कि मुख्यमंत्री ने 15 दिसंबर से टेनरियों की बंदी के आदेश पर मुहर लगा दी है।

शुक्रवार को प्रमुख सचिव पर्यावरण रेणुका कुमार की तरफ से जारी आदेश टेनरियों को भेजने की तैयारी यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुरू कर दी। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि शासन से सख्त निर्देश है कि टेनरियों को 15 दिसंबर से बंद किया जाना है। इसके आदेश की कॉपी सभी टेनरियों को अक्टूबर तक किसी भी सूरत में पहुंच जानी चाहिए।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले कानपुर में नमामि गंगे योजना के तहत कानपुर आए थे और गंगा को प्रदूषित देख अधिकारियों को फटकार लगाने के साथ ही सभी नालों के बंद करने के अलावा तीन माह तक टेनरियों के बंद करने का ऐलान किया था। सीएम के इस फैसले को लेकर टेनरी संचालकों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने का समय मांग। सीएम ने उन्हें लखनऊ बुलाया, जहां पर टेनरी संचालकों ने उनसे राहत देने की मांग की थी। लेकिन इस बीच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बढ़ी सक्रियता के बाद पता चला है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने 15 दिसंबर से टेनरियों की बंदी के आदेश पर मुहर लगा दी है। प्रमुख सचिव पर्यावरण रेणुका कुमार की तरफ से जारी आदेश टेनरियों को भेजने की तैयारी यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुरू कर दी।

तीन महीने तक टेनरियों की बंदी के आदेश पर स्माल टेनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी डाक्टर फिरोज आलम ने एतराज जताया है। उनका कहना है कि उन लोगों ने इस आदेश को समाप्त करने और महाकुंभ में स्नान की तिथियों के तीन दिन पहले टेनरियों को बंद करने का आदेश पिछली सरकारों की तरह जारी किया जाए। ऐसा नहीं होने पर अब वह लोग कोर्ट जाएंगे। उत्तर प्रदेश लेदर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव इफ्तिखारुल अमीन के अनुसार चमड़ा उद्योग बहुत कठिन दौर से गुजर रहा है। सरकार ने पहले बूचड़खानों में तालेबंदी का आदेश दिया, तो वहीं अब तीन माह तक टेनरियों के बंद रहने से कारोबार पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। दूसरे देशों के कारोबारी यहां के बजाए अन्य प्रदेशों की तरफ अपने कदम बड़ा देंगे। सरकार को टेनरी मालिकों के अलावा तीन लाख लोगों के बारे में सोचना चाहिए था।

कानपूर की 249 टेनरियां बंद करने का आदेश। भुखमरी की नौबत, टेनरी उद्योग को करोड़ों का नुकसान

चंद्र कांत तिवारी, एएनएम न्यूज़, कानपूर: उत्तर प्रदेश प्रदुषण नियत्रण बोर्ड ने जाजमऊ कानपूर में कामन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) पूरी तरह संचालित न हो पाने के कारण  लगभग 249 टेनरियों को बंद करने का आदेश दिया है। यह कार्यवाई जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। दरअसल अगले वर्ष प्रयागराज में कुम्भ को देखते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर इस साल 16 मई को कानपूर के जाजमऊ में सी इ टी पी और पम्पिग स्टेशनो को उनकी मरम्मत के लिए 17. 68 करोड़ रुपये दिए गए थे। इसका संचालन पूरी  क्षमता के साथ 12 नवम्बर तक हर हाल में किया जाना था लेकिन इसका संचालन नहीं हो स्का। कुम्भ 2019 को देखते हुए प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड फ़िलहाल कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता इस कारण बोर्ड ने यहाँ की सभी 249 फैक्ट्री का संचालन बंद करने का आदेश दे दिया है।

आदेश को लेकर स्माल टेनरीज एसोसिएशन में आज सभी टेनरियों के मालिकों ने एक बैठक की। उनका कहना है कि इस तरह टेनरियों के बंद हो जाने से तो लाखों मजदूर भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे और बच्चों का पेट पालने के लिए गरीब वर्ग का आदमी गलत काम भी कर सकता है। इसके बाद टेनरियों के बंद होने की सूचना पर टेनरियों में सन्नाटा पसर गया और आनन-फानन में स्माल टेनरीज एसोसिएशन के अध्यक्ष हफीजुर्रहमान ने टेनरी मालिकों को बुलाकर एक बैठक की। जाजमऊ में लगभग छोटी-बड़ी मिलाकर 400 टेनरियां हैं, जिसमें कुछ बंद हो गयीं और लगभग 280 से ज्यादा टेनरियां में उत्पादन हो रहा हैं।

कुछ टेनरियों में नोटिस चिपका दिया गया है, उसमें यह लिखा है कि जल निगम नाले सभी टेप किए हैं, जिससे पानी बराबर सीईटीपी में जा नहीं रहा है। जब तक जल निगम के लोग अपनी कमी को दूर नहीं करते हैं, सीईटीपी को चारों पम्पिंग स्टेशन्स को जोड़ते नहीं है तब तक टेनरियां बन्द रहेंगी। इस तरह की बंदी से टेनरी उद्योग को करोड़ों का नुकसान होगा। समय की कोई पाबंदी नहीं है कि कितने दिन बंद रहेगी।

टेनरी संचालक रहमान ने बताया कि टेनरी उद्योग से लगभग 4 लाख लेबर हैं और उनसे उनका परिवार का पालन पोषण होता है। एक दम से यह टेनरी उद्योग बंद हो जाएगा तो भुखमरी की नौबत आ जायेगी। लोग बच्चों का पेट पालने के लिए गलत काम शुरू कर देंगे।

टेनरी मालिक का कहना है  एकदम से आदेश आता है कि टेनरिया बंद हो गयीं। उन टेनरियों में महिलाएं भी काम करती हैं, छोटे-छोटे रोजगार और गरीब वर्ग के लोग अस्त-व्यस्त हो जाएंगे। हम सभी इस मामले में बात करेंगे। यदि इसके बाद भी कोई रास्ता नहीं निकलेगा तो भुखमरी तो निश्चित है और मजबूरन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

अधिकांश पायलट विमान के कॉकपिट में आत्महत्या के बारे में सोचते हैं

एएनएम न्यूज़, डेस्क: हाल ही में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अध्ययन में कॉकपिट में बैठे पायलट के बारे में एक सनसनीखेज तथ्य सामने आया है। अधिकांश विमान पायलट कॉकपिट पर आत्महत्या की सोच रहा है! जिनके हाथों में यात्रियों के जीवन, उनके ऐसे विनाशकारी विचार।

हर दिन लगभग 4,000 वाणिज्यिक विमान उड़ाते है ऐसे पायलट, जिनके दिमाग ने कभी न कभी आत्महत्या का विचार आया है। 4.1 प्रतिशत पायलटों के दिमाग में किसी एक समय में आत्महत्या का विचार आया है। 12.6 प्रतिशत पायलट डिप्रेशन से पीड़ित हैं। गंभीर डिप्रेशन से पीड़ित पायलट विमान के कॉकपिट पर बैठने के लिए योग्य नहीं हैं। लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि कई पायलट अपनी नौकरियों को खोने के डर के कारण अपने मानसिक दबाव में रहते हैं। व्यवहार और कुछ शारीरिक संकेत देखकर यह पता चलत है की वे डिप्रेशन के शिकार हैं। लेकिन वे डॉक्टर के पास नहीं जाना चाहते हैं। शोधकर्ताओं ने इस स्थिति को हल करने के तरीकों का भी सुझाव दिया है। मानसिक दबाव से पीड़ित पायलटों से आगे आने का अनुरोध किया है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कहा कि एयरलाइन अधिकारियों को पायलटों नौकरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

रिमोट चोरी के अपराध की सजा 22 साल जेल

एएनएम न्यूज़, डेस्क: अदालत ने एरिक ब्रॉमवेल नामक एक चोर को 22 साल की जेल की सजा सुनाई। उसका अपराध था टेलीविजन के रिमोट कंट्रोल चोरी। लेकिन एक नहीं, उसने कई रिमोट कंट्रोल चुरा लिया। अंत में वह पुलिस द्वारा पकड़ा गया था। तब अदालत ने उसे 22 साल की सजा सुनाई। मेल ऑनलाइन के मुताबिक, अमेरिका में शिकागो के एक कोर्ट ने बुधवार को इस फैसले सुनाया।
35 वर्षीय एरिक ब्रोमवेल एक पेशेवर चोर है, एरिक चोरी के अलावा और कुछ भी नहीं करता है। एक से अधिक चोरी मामले में वह आरोपी है। लेकिन उसके खिलाफ सबसे गंभीर आरोप यह है कि उसे कानून और अदालत की परवाह नहीं है। उसे पहले भी उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। हर बार अदालत अदालत में पेश किया गया है। लेकिन उन्होंने अदालत के आदेश का सम्मान नहीं किया और पुलिस की आँखों में धूल झोंककर वह चोरी करता था।

अटॉर्नी रॉबर्ट बार्लिन ने कहा, “ब्रोमवेल अवैध गतिविधियों में शामिल है। अंत में वह पकड़ा गया। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि ब्रैमवेल ने क्या चुराया यह कानून और अदालत के निरंतर अपमान का विषय है। ‘

शादी से मना करने पर ग्रेनेड हमला

एएनएम न्यूज़, डेस्क: पाकिस्तान में शादी का प्रस्ताव ठुकरने पर दो किशोरियों पर एक व्यक्ति ने ग्रेनेड से हमला कर दिया। यह घटना पाकिस्तान के वाणिज्यिक शहर में हुई थी। उस व्यक्ति ने किशोरियों पर सोते वक़्त ग्रेनेड फेक कर हमला किया।
हामले की शिकार सामरीन (19) और सनम (17) दोनों बहन है। वर्तमान में दोनों का इलाज जिन्ना पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सेंटर में चल रहा हैं। हमलावर को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
लड़कियों के पिता कदीर बख्श ने कहा कि हमलावर साजिद ने उनकी एक लड़की से शादी करने का प्रस्ताव दिया था। साजिद उनका रिस्तेदार है। प्रस्ताव ठुकरने के बाद साजिद कई मौकों पर धमकी दे रहा था। साजिद ने इस हमले को दोस्तों के साथ अंजाम दिया है।

कहा गायब हो गया आरके टैटू ?

एएनएम न्यूज़, डेस्क: एक वक़्त था जब दीपिका रणबीर कपूर के प्यार में पागल थी। काफी जतन करने के बाद भी वह अपने प्यार को नहीं बचा पायी। अब वह अध्याय अतीत है।
बाद में दोनों अपने अपने जीवन में आगे बढ़े। भंसाली के रामलीला की शूटिंग के दौरान दीपिका को रणवीर कपूर से प्यार हो गया। हालांकि दीपिका को पूछने पर उन्होंने हां नहीं कहा क्योंकि वह तब भी आरके के प्यार को पूरी तरह से नहीं भूल पायी थी।
बाद में, दीपिका भी बाजीराव के प्यार में मस्तानी हो गयी थी। हालांकि दीपिका के रणवीर सिंह को हाँ कहने के बाद भी उनके कंधे पर आरके टैटू था।
रणवीर से शादी के बाद सबकी नज़र दीपिका के कंधे पर आरके टैटू पर है। कहा गया वह टैटू? रणबीर के साथ उनकी शादी से पहले, दीपिका ने टैटू हटा दिया था।

झारखंड में चार नक्सली पुलिस के शिकंजे में, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

एएनएम न्यूज़, आसनसोल: झारखंड पुलिस और एसएसबी की टीम ने दुमका से चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इन नक्सलियों के पास से पुलिस को भारी मात्रा में कारतूस और विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।

पुलिस को नक्सलियों के पास आधुनिक हथियार एवं विस्फोटक होने की खबर मिलने के बाद झारखण्ड पुलिस ने एसएसबी के साथ संयुक्त अभियान चला मौके पर दबिश दी जिसमे उन्हें भहारी सफलता हाथ लगी। नक्सलियों ने कड़ी पूछ ताछ के दौरान पुलिस को कुछ लोगो के नाम बताएं जो नक्सलियों को मदद देते है।

सिंधी रीति मुताबिक शादी नहीं होने पर इटली सिख एसोसिएशन ने धर्म अवमानना का लगाया आरोप

एएनएम  न्यूज़ डेस्क : बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की हाल ही में हुई शादी को लेकर दोनों धर्म अवमानना के आरोपों घिर गए हैं। उल्लेखनीय है कि इसी महीने के 14 एवं 15 नवम्बर को दोनों ने इटली के लेक कोमा विलाडेल वलवीएनेल्लो में क्रमश  कोंकणी एवं सिंधी रीति से दीपिका और रणवीर ने शादी रचाई थी। सूत्रों का कहना है कि लेक कोमा में मोटी रकम खर्च कर एक अस्थाई गुरुद्वारा बनाया गया था। जहां ‘दीपवीर’ की शादी रचाई गयी थी ‘आनंद कराज’। इसी ‘आनंद कराज’ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सिख धर्म गुरुओं का कहना है कि ‘आनंद कराज’ किसी भी तरह से किसी भी गुरुद्वारा के बाहर संभव नहीं है। कारण सिख धर्म ग्रंथ साहिब गुरुद्वारा के बाहर ले जाना नियम के विरुद्ध है। लेक कोमा में बनाया गया गुरुद्वारा अस्थायी था। लिहाजा वहां सिंधी रीति से विवाह कर दीपिका और रणवीर ने धर्म के विरुद्ध कार्य किया है।

आतः सिख धर्म गुरुओं ने आरोप लगाया है कि ऐसे में दीपिका और रणवीर की सिंधी रीति से शादी सिद्ध नहीं हुई । ये आरोप इटली के सिख समुदाय ने लगाया है और इस विषय में सिखों के सर्वोच्च संगठन ‘अकाल तख्त’ के सामने भी इटली के उक्त संगठन के सदस्य उपस्थित हुए हैं। अकाल तख्त के प्रधान ने बताया है कि इस विषय में कोई आरोप मिलने पर वे पांच धर्म गुरु मामले पर विचार करेंगे।